उत्तर प्रदेश में नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में अब तक एक हज़ार से ज़्यादा लोग गिरफ़्तार किए जा चुके हैं. गिरफ़्तार लोगों में वाराणसी के रवि शेखर और उनकी पत्नी एकता भी हैं.
मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
दोनों को गिरफ़्तार करके जेल भेज दिया गया है लेकिन उनकी चौदह महीने की मासूम बेटी इसी इंतज़ार में है कि उसके मम्मी-पापा चॉकलेट लेकर आते होंगे.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ 19 दिसंबर को मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रहहुए प्रदर्शन में वाराणसी में भी काफ़ी हिंसा हुई थी.
हिंसा के बाद से ही एक ओर जहां पुलिस की कथित ज़्यादती और प्रदर्शन के दौरान हिंसा की तस्वीरें सामने आ रही हैं, वहीं गिरफ़्तारियों की ज़द में कुछ ऐसे लोग भी आ गए हैं जो शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने गए थे और उसके हिंसक होने की उम्मीद उन्हें भी नहीं थी.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
रवि शेखर और उनकी पत्नी एकता पर्यावरण के मुद्दों पर काम करते हैं और वाराणसी की सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहते हैं.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
वाराणसी में महमूरगंज के रहने वाले रवि और एकता अपनी मासूम बच्ची को उसकी दादी और बड़ी मम्मी के हवाले करके प्रदर्शन में शामिल होने गए थे.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
रवि की बुज़ुर्ग मां शीला तिवारी कहती हैं, "मेरे बेटे ने कोई गुनाह नहीं किया है. समझ में नहीं आ रहा है कि पुलिस ने उन्हें क्यों गिरफ्तार किया? दोनों शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे और इस तरह के कार्यक्रमों में अक़्सर दोनों जाते रहते हैं. अब यह छोटी सी दुधमुंही बच्ची बिना मां के रह रही है. हम लोग उसकी देखभाल कर रहे हैं लेकिन इतनी छोटी बच्ची बिना मां के कैसे रह पाएगी, आप ख़ुद ही सोच सकते हैं."
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रविशेखर और उनकी पत्नी एकता को 19 दिसंबर को ही वाराणसी के बेनियाबाग इलाक़े में प्रदर्शन के दौरान ये कहते हुए हिरासत में लिया गया था कि वो धारा 144 का उल्लंघन कर रहे हैं.
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रवि के बड़े भाई शशिकांत ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "ये लोग साठ सत्तर लोगों के समूह के साथ उधर मार्च कर रहे थे. पुलिस ने जब रोका तो सबने गिरफ़्तारी दे दी. उस वक़्त कहा गया कि शांतिभंग में चालान करके वापस भेज दिया जाएगा. लेकिन दो दिन तक बैठाए रखा गया और फिर 21 दिसंबर को कई धाराओं में एफ़आईआर करके जेल भेज दिया गया. धाराएं भी कोई गंभीर नहीं हैं, फिर भी ज़मानत नहीं मिल पाई."
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रविशेखर और एकता समेत 56 नामज़द और कुछ अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ 332, 353, 341 जैसी धाराओं में मुक़दमे पंजीकृत किए गए हैं. शशिकांत कहते हैं कि उन लोगों के सामने एक ओर इन दोनों की ज़मानत कराने की समस्या सामने है तो दूसरी ओर छोटी बच्ची को सँभालने की.
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बच्ची को लाख समझाया जाता है लेकिन वो पापा और मम्मी को पूछती ही रहती है. रविशेखर की मां शीला तिवारी बताते-बताते रुआंसी हो जाती हैं, "कुछ खा-पी भी नहीं रही है ठीक से. मां-बाप की तस्वीर की ओर देखकर उन्हें पुकारती है. झूठा दिलासा देते हैं हम लोग कि तुम्हारे मम्मी-पापा ऑफ़िस गए हैं, अभी आ जाएंगे."
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वहीं वाराणसी पुलिस का कहना है कि जो भी लोग गिरफ़्तार किए गए हैं, उनके ख़िलाफ़ हिंसा भड़काने के पर्याप्त साक्ष्य हैं.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
वाराणसी के ज़िलाधिकारी कौशलराज शर्मा कहते हैं, "जिन्हें भी गिरफ़्तार किया गया है, उसके पर्याप्त आधार हैं. ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से लोगों के इकट्ठा होने की वजह से शहर में तनाव बढ़ गया था. तमाम तरह के भड़काऊ नारे लिखे हुए पोस्टर्स मिले हैं."मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी लोगों ने बढ़ चढ़कर प्रदर्शन किया था.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
बेनियाबाग इलाक़े में हज़ारों की संख्या में लोग जब सड़क पर उतरे तो अचानक हालात बेक़ाबू होने लगे और पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा जिससे काफ़ी देर तक अफ़रा-तफ़री मची रही. हालांकि रवि शेखर के परिजनों के मुताबिक, उन लोगों को हंगामे से पहले ही हिरासत में ले लिया गया था.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
रविशेखर के भाई शशिकांत के मुताबिक दोनों ने कई राष्ट्रीय संगोष्ठियों में भी सहभागिता की है और वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कई जगह प्रेजेंटेशन भी दिए हैं. मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
Friday, December 27, 2019
Monday, December 9, 2019
ये हैं दुनिया की सबसे कम उम्र की प्रधानमंत्री
सना मारिन 34 साल की उम्र में दुनिया की सबसे युवा प्रधानमंत्री बनने जा रही हैं. वो फ़िनलैंड में महिलाओं के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार की प्रमुख होंगी.
परिवहन मंत्री रहीं सना को प्रधानमंत्री एंटी रिना के इस्तीफ़े के बाद सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रधानमंत्री पद के लिए चुना है. इस सप्ताह वो शपथ ले सकती हैं.
वो पांच पार्टियों के मध्य-वामपंथी गठबंधन का नेतृत्व कर रही हैं. इन सभी पार्टियों की अध्यक्ष महिलाएं हैं.
देश में डाक हड़ताल से निपटने के मामले पर एंटी रिना ने गठबंधन का विश्वास खो दिया था और उन्हें पद छोड़ना पड़ा था.
सना मारिन जब अपना पदभार संभालेंगी तब वो दुनिया की सबसे युवा प्रधानमंत्री होंगी. अभी न्यूज़ीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न की आयु 39 वर्ष और वहीं यूक्रेन के शीर्ष नेता ओलेक्सी होंचरुक की उम्र 35 वर्ष है.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सैना मारिन का पालन-पोषण 'रैनबो फ़ैमिली' (एक प्रकार का हिप्पी समूह) में हुआ. वो किराए के एक अपार्टमेंट में अपनी मां और उनकी महिला पार्टनर के साथ रहती थीं.
उन्होंने फ़िनिश भाषा में मेनाएसेत भाषा में 2015 में कहा था कि बचपन में वो ख़ुद को 'अदृश्य' महसूस करती थीं क्योंकि वो अपने परिवार के बारे में खुले तौर पर बोलने से कतराती थीं.
लेकिन उन्होंने कहा था कि उनकी मां हमेशा उनका समर्थन करती रहीं और उन्होंने भरोसा दिलाया कि वो जो चाहें कर सकती हैं.
अपने परिवार की वो पहली शख़्स थीं जो विश्वविद्यालय तक गईं.
सोशल डेमोक्रेट्स में सना मारिन बहुत तेज़ी से उभरीं और उन्होंने 27 साल की उम्र में टेम्परे शहर के प्रशासन का नेतृत्व किया और 2015 में वो सांसद बनीं.
जून तक वो परिवहन और संचार मंत्री थीं और उनकी 22 महीने की एक बेटी है.
ऐसी कम ही संभावना है कि सना मारिन नीतियों में कोई बड़ा बदलाव करेंगी क्योंकि उनके दफ़्तर संभालने के दौरान गठबंधन एक कार्यक्रम पर सहमत हुआ है.
हालांकि, मारिन ने गठबंधन के नेतृत्व के चुनाव को क़रीबी हाशिए से जीतने के बाद कहा था कि उनका कार्यकाल हमेशा की तरह नहीं होगा.
उन्होंने पत्रकारों से कहा, "विश्वास बहाली के लिए हमारे पास बहुत काम है."
उन्होंने अपनी उम्र पर किए गए सवालों पर कहा कि उन्होंने कभी भी अपनी उम्र और लिंग के बारे में नहीं सोचा.
स्कैंडिवेनाई देश में सना मारिन तीसरी महिला प्रधानमंत्री हैं. अप्रैल में हुए चुनाव में सोशल डेमोक्रेट्स सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और इसी कारण गठबंधन सरकार का प्रधानमंत्री इसी पार्टी से होगा.
पार्टी ने 32 वर्षीय कातरी कुलमुनी का नाम वित्त मंत्री के लिए तय किया है. गठबंधन की पांच में से चार महिला नेता 35 वर्ष से कम आयु की हैं.
यूरोपीय संघ का अध्यक्ष पद इस समय फ़िनलैंड के पास है और ऐसी उम्मीद है कि ब्रसेल्स में 12 दिसंबर को यूरोपीय संघ सम्मेलन से पहले सांसद नई सरकार पर अपनी मुहर लगाएंगे.
परिवहन मंत्री रहीं सना को प्रधानमंत्री एंटी रिना के इस्तीफ़े के बाद सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रधानमंत्री पद के लिए चुना है. इस सप्ताह वो शपथ ले सकती हैं.
वो पांच पार्टियों के मध्य-वामपंथी गठबंधन का नेतृत्व कर रही हैं. इन सभी पार्टियों की अध्यक्ष महिलाएं हैं.
देश में डाक हड़ताल से निपटने के मामले पर एंटी रिना ने गठबंधन का विश्वास खो दिया था और उन्हें पद छोड़ना पड़ा था.
सना मारिन जब अपना पदभार संभालेंगी तब वो दुनिया की सबसे युवा प्रधानमंत्री होंगी. अभी न्यूज़ीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न की आयु 39 वर्ष और वहीं यूक्रेन के शीर्ष नेता ओलेक्सी होंचरुक की उम्र 35 वर्ष है.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सैना मारिन का पालन-पोषण 'रैनबो फ़ैमिली' (एक प्रकार का हिप्पी समूह) में हुआ. वो किराए के एक अपार्टमेंट में अपनी मां और उनकी महिला पार्टनर के साथ रहती थीं.
उन्होंने फ़िनिश भाषा में मेनाएसेत भाषा में 2015 में कहा था कि बचपन में वो ख़ुद को 'अदृश्य' महसूस करती थीं क्योंकि वो अपने परिवार के बारे में खुले तौर पर बोलने से कतराती थीं.
लेकिन उन्होंने कहा था कि उनकी मां हमेशा उनका समर्थन करती रहीं और उन्होंने भरोसा दिलाया कि वो जो चाहें कर सकती हैं.
अपने परिवार की वो पहली शख़्स थीं जो विश्वविद्यालय तक गईं.
सोशल डेमोक्रेट्स में सना मारिन बहुत तेज़ी से उभरीं और उन्होंने 27 साल की उम्र में टेम्परे शहर के प्रशासन का नेतृत्व किया और 2015 में वो सांसद बनीं.
जून तक वो परिवहन और संचार मंत्री थीं और उनकी 22 महीने की एक बेटी है.
ऐसी कम ही संभावना है कि सना मारिन नीतियों में कोई बड़ा बदलाव करेंगी क्योंकि उनके दफ़्तर संभालने के दौरान गठबंधन एक कार्यक्रम पर सहमत हुआ है.
हालांकि, मारिन ने गठबंधन के नेतृत्व के चुनाव को क़रीबी हाशिए से जीतने के बाद कहा था कि उनका कार्यकाल हमेशा की तरह नहीं होगा.
उन्होंने पत्रकारों से कहा, "विश्वास बहाली के लिए हमारे पास बहुत काम है."
उन्होंने अपनी उम्र पर किए गए सवालों पर कहा कि उन्होंने कभी भी अपनी उम्र और लिंग के बारे में नहीं सोचा.
स्कैंडिवेनाई देश में सना मारिन तीसरी महिला प्रधानमंत्री हैं. अप्रैल में हुए चुनाव में सोशल डेमोक्रेट्स सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और इसी कारण गठबंधन सरकार का प्रधानमंत्री इसी पार्टी से होगा.
पार्टी ने 32 वर्षीय कातरी कुलमुनी का नाम वित्त मंत्री के लिए तय किया है. गठबंधन की पांच में से चार महिला नेता 35 वर्ष से कम आयु की हैं.
यूरोपीय संघ का अध्यक्ष पद इस समय फ़िनलैंड के पास है और ऐसी उम्मीद है कि ब्रसेल्स में 12 दिसंबर को यूरोपीय संघ सम्मेलन से पहले सांसद नई सरकार पर अपनी मुहर लगाएंगे.
Tuesday, December 3, 2019
अबूधाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद एक बच्ची के घर जाने पर यूं हुए मजबूर
अबूधाबी के क्राउन प्रिंस और संयुक्त अरब अमीरात आर्म्ड फ़ोर्सेज के डिप्टी कमांडर शेख मोहम्मद बिन ज़ाएद अल नाह्यान सोमवार को एक बच्ची के घर जाने के लिए मजबूर हो गए.
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन-सलमान संयुक्त अरब अमीरात के दौरे पर हैं और इसी दौरे में एक कार्यक्रम के दौरान दोनों नेता बच्चियों से मिल रहे थे.
बच्चियां दोनों तरफ़ क़तार में दोनों मुल्कों के झंडे लिए खड़ी थीं. एक तरफ़ की बच्चियों से सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन-सलमान हाथ मिला रहे थे और दूसरी लाइन की बच्चियों से अबूधाबी के क्राउन प्रिंस ज़ाएद अल नाह्यान.
इसी दौरान सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की लाइन से भागकर एक बच्ची अल नाह्यान की लाइन में उनसे हाथ मिलाने आ गई.
अल नाह्यान जैसे ही उस बच्ची के क़रीब आए उस बच्ची ने उसका अपना हाथ उनकी तरफ़ बढ़ाया लेकिन अबूधाबी के क्राउन प्रिंस बिना देखे ही आगे बढ़ गए.
बच्ची इससे बेहद निराश हो गई. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और बाद में अल नाह्यान उस बच्ची के घर गए और उससे मिले.
अल नाह्यान आयशा मोहम्मद मशहीत अल मज़रोई के घर गए और परिवार वालों से भी बात की.
यूएई में अल नाह्यान के उस बच्ची से मिलने का वीडियो भी वायरल हो गया. इस मुलाक़ात की तस्वीरें अबूधाबी के क्राउन प्रिंस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी पोस्ट की गई है.
सात साल पहले की घटना को कुरेदने पर वो जैसे अतीत में लौट जाती हैं, "मेरा भाई मड़कम रामविलास 15 साल का था. दौड़ने में उसका कोई मुकाबला नहीं था. गांव की पगडंडियों पर ऐसे दौड़ता था जैसे उड़ रहा हो."
रत्ना अपने भाई को याद करके बताती हैं कि कैसे उसका भाई गर्मी की छुट्टियों में भी पढ़ाई करता रहता था और स्कूल में सबसे अधिक नंबर लाता था.
वे कहती हैं, "पढ़ने-लिखने में ब्रिलियेंट था वो. वकील बनना चाहता था. लेकिन पुलिस ने मेरे भाई को मार डाला."
मड़कम रत्ना छत्तीसगढ़ के बीजापुर ज़िले के उन लोगों में शामिल हैं, जिनके परिजन 28-29 जून 2012 की रात सीआरपीएफ़ और सुरक्षाबलों के हमले में मारे गये थे.
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन-सलमान संयुक्त अरब अमीरात के दौरे पर हैं और इसी दौरे में एक कार्यक्रम के दौरान दोनों नेता बच्चियों से मिल रहे थे.
बच्चियां दोनों तरफ़ क़तार में दोनों मुल्कों के झंडे लिए खड़ी थीं. एक तरफ़ की बच्चियों से सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन-सलमान हाथ मिला रहे थे और दूसरी लाइन की बच्चियों से अबूधाबी के क्राउन प्रिंस ज़ाएद अल नाह्यान.
इसी दौरान सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की लाइन से भागकर एक बच्ची अल नाह्यान की लाइन में उनसे हाथ मिलाने आ गई.
अल नाह्यान जैसे ही उस बच्ची के क़रीब आए उस बच्ची ने उसका अपना हाथ उनकी तरफ़ बढ़ाया लेकिन अबूधाबी के क्राउन प्रिंस बिना देखे ही आगे बढ़ गए.
बच्ची इससे बेहद निराश हो गई. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और बाद में अल नाह्यान उस बच्ची के घर गए और उससे मिले.
अल नाह्यान आयशा मोहम्मद मशहीत अल मज़रोई के घर गए और परिवार वालों से भी बात की.
यूएई में अल नाह्यान के उस बच्ची से मिलने का वीडियो भी वायरल हो गया. इस मुलाक़ात की तस्वीरें अबूधाबी के क्राउन प्रिंस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी पोस्ट की गई है.
सात साल पहले की घटना को कुरेदने पर वो जैसे अतीत में लौट जाती हैं, "मेरा भाई मड़कम रामविलास 15 साल का था. दौड़ने में उसका कोई मुकाबला नहीं था. गांव की पगडंडियों पर ऐसे दौड़ता था जैसे उड़ रहा हो."
रत्ना अपने भाई को याद करके बताती हैं कि कैसे उसका भाई गर्मी की छुट्टियों में भी पढ़ाई करता रहता था और स्कूल में सबसे अधिक नंबर लाता था.
वे कहती हैं, "पढ़ने-लिखने में ब्रिलियेंट था वो. वकील बनना चाहता था. लेकिन पुलिस ने मेरे भाई को मार डाला."
मड़कम रत्ना छत्तीसगढ़ के बीजापुर ज़िले के उन लोगों में शामिल हैं, जिनके परिजन 28-29 जून 2012 की रात सीआरपीएफ़ और सुरक्षाबलों के हमले में मारे गये थे.
Wednesday, November 20, 2019
مظاهرات إيران: استقالة عضو بالبرلمان رفضا لزيادة الأسعار
استقال النائب الإيراني محمد قاسم عثماني من عضوية البرلمان احتجاجا على رفع أسعار الوقود حسب ما نقلت وكالة الانباء الإيرانية "إيرنا".
وكان عثماني معارضا لقرار رفع الأسعار رغم معارضة البرلمان.
وتشير تقارير إعلامية إلى ان المزيد من النواب في طريقهم للاستقالة من البرلمان خلال الساعات المقبلة.
في هذه الأثناء انتقدت واشنطن ما سمته "التعامل المفرط في القوة مع المتظاهرين في إيران".
وقالت المتحدثة باسم البيت الأبيض ستيفاني غريشام "الولايات المتحدة تؤيد الشعب الإيراني في مظاهراته السلمية ضد النظام الذي يفترض أن يقوده".
وأضافت "نحن ندين استخدام القوة القاتلة في مواجهة المتظاهرين وفرض قيود صارمة على الاتصالات في مواجهتهم".
وحذر الرئيس الإيراني حسن روحاني من أن بلاده لايمكنها التسامح مع "الخروج على النظام" بعد يومين من المظاهرات والمصادمات مع الشرطة التي ادت إلى مقتل اثنين على الأقل واعتقال العشرات وقطع خدمة الإنترنت عن أغلب أنحاء البلاد.
وقال روحاني "الاحتجاج من حق المواطنين لكن الاحتجاج يختلف عن العصيان، ولايمكن أن نسمح بالخروج على النظام في هذا المجتمع".
ودافع روحاني عن قرار رفع أسعار البنزين موضحا أنه سيوفر المزيد من المال لإنفاقه على الأسر الفقيرة والمعوزة.
وكان المرشد الأعلى للجمهورية علي خامنئي قد أعلن تأييده لقرار رفع أسعار البنزين.
وأنحى خامنئي باللوم على من وصفهم بـ "مثيري الشغب" و "أعداء الخارج" بشأن أعمال العنف التي تشهدها الاحتجاجات.
وبدأت الاحتجاجات الجمعة بعد إعلان الحكومة فجأة أنها تعمل على تقنين سعر الوقود وإلغاء الدعم، الأمر الذي أدى إلى زيادة الأسعار بنسبة 50 في المئة.
وتعد هذه الإجراءات أحدث ما يشير إلى الضغط الذي يشهده الاقتصاد الإيراني بعد إعادة فرض العقوبات الأمريكية. وتقول الحكومة الإيرانية إن التعديلات ستتيح الأموال لمساعدة الفقراء.
وقال تاك سينغ وونغ، أستاذ الهندسة الميكانيكية في جامعة بن: "اخترع فريقنا سائلا مضادا للترسب والبكتيريا يجعل المراحيض تُنظّف ذاتيا".
وأضاف أن "التصاق البراز بالمرحاض ليس أمرا مقززا فحسب، وإنما يشكل كذلك خطرا على الصحة. هدفنا هو تقديم تكنولوجيا يستفيد منها الجميع".
وكان عثماني معارضا لقرار رفع الأسعار رغم معارضة البرلمان.
وتشير تقارير إعلامية إلى ان المزيد من النواب في طريقهم للاستقالة من البرلمان خلال الساعات المقبلة.
في هذه الأثناء انتقدت واشنطن ما سمته "التعامل المفرط في القوة مع المتظاهرين في إيران".
وقالت المتحدثة باسم البيت الأبيض ستيفاني غريشام "الولايات المتحدة تؤيد الشعب الإيراني في مظاهراته السلمية ضد النظام الذي يفترض أن يقوده".
وأضافت "نحن ندين استخدام القوة القاتلة في مواجهة المتظاهرين وفرض قيود صارمة على الاتصالات في مواجهتهم".
وحذر الرئيس الإيراني حسن روحاني من أن بلاده لايمكنها التسامح مع "الخروج على النظام" بعد يومين من المظاهرات والمصادمات مع الشرطة التي ادت إلى مقتل اثنين على الأقل واعتقال العشرات وقطع خدمة الإنترنت عن أغلب أنحاء البلاد.
وقال روحاني "الاحتجاج من حق المواطنين لكن الاحتجاج يختلف عن العصيان، ولايمكن أن نسمح بالخروج على النظام في هذا المجتمع".
ودافع روحاني عن قرار رفع أسعار البنزين موضحا أنه سيوفر المزيد من المال لإنفاقه على الأسر الفقيرة والمعوزة.
وكان المرشد الأعلى للجمهورية علي خامنئي قد أعلن تأييده لقرار رفع أسعار البنزين.
وأنحى خامنئي باللوم على من وصفهم بـ "مثيري الشغب" و "أعداء الخارج" بشأن أعمال العنف التي تشهدها الاحتجاجات.
وبدأت الاحتجاجات الجمعة بعد إعلان الحكومة فجأة أنها تعمل على تقنين سعر الوقود وإلغاء الدعم، الأمر الذي أدى إلى زيادة الأسعار بنسبة 50 في المئة.
وتعد هذه الإجراءات أحدث ما يشير إلى الضغط الذي يشهده الاقتصاد الإيراني بعد إعادة فرض العقوبات الأمريكية. وتقول الحكومة الإيرانية إن التعديلات ستتيح الأموال لمساعدة الفقراء.
وقال تاك سينغ وونغ، أستاذ الهندسة الميكانيكية في جامعة بن: "اخترع فريقنا سائلا مضادا للترسب والبكتيريا يجعل المراحيض تُنظّف ذاتيا".
وأضاف أن "التصاق البراز بالمرحاض ليس أمرا مقززا فحسب، وإنما يشكل كذلك خطرا على الصحة. هدفنا هو تقديم تكنولوجيا يستفيد منها الجميع".
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